7 मई 2026 को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होगा। इस दिन के बाद सभी विधायी पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे, इसलिए मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पद भी समाप्त हो जाएगा, चाहे वह इस्तीफा दें या नहीं। कांग्रेस‑बाजपा गठबंधन के साथ इस अवधि में कई मुद्दे उठ रहे हैं, और राज्य में अगले चुनावों की तैयारी तेज़ हो रही है। वेस्ट बंगाल के संविधानिक प्रावधानों के अनुसार, विधानसभा का भंग होने पर सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाता है और निष्क्रियता के दो महीने के भीतर नई चुनाव प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। इस कारण ममता बनर्जी ने हाल ही में “नो इस्तीफा” का बयान दिया, लेकिन यह बयान केवल राजनैतिक प्रेरणा रखता है, क्योंकि विधायी अवधि समाप्त होने पर उनका पद समाप्त हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस अवधि में उनकी पार्टी का प्रदर्शन, विकास योजनाओं का कार्यान्वयन और सामाजिक स्थिरता का आकलन आगामी चुनावों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जनता और व्यवसायिक वर्ग दोनों ही इस बदलाव को लेकर संवेदनशील हैं, क्योंकि सरकारी नीतियों में बदलाव से स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा।