लंदन की हाई कोर्ट ने चार पैनलस्तीन एक्टिविस्टों को इज़राइल‑निर्मित रक्षा कंपनी एलबिट सिस्टम्स की ब्रिस्टोल सुविधा में अनधिकृत प्रवेश करने के लिये दोषी ठहराया और सजा सुनाई। ये अभियुक्त “पैनलस्तीन एक्शन” समूह के सदस्य थे, जिसे ब्रिटिश सरकार ने 2023 में प्रतिबंधित कर दिया था। सत्ररूपी सुनवाई में न्यायाधीश ने कहा कि अभियुक्तों ने कंपनी के निरीक्षण क्षेत्र में घुसकर उपकरणों की जाँच की और फोटो ली, जिससे सुरक्षा उल्लंघन हुआ। उन्होंने खुदरा तौर पर यह बताया कि उनका उद्देश इज़राइल की गाज़ा पर जारी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्शाना था। सजा के तहत दो अभियुक्तों को दो साल तक कारावास और बाकी दो को एक साल तक जेल तथा उनका सामाजिक कार्य पर प्रतिबंध लगाया गया। अदालत ने यह भी नोट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, चाहे किसी भी कारण से हो। इस मामले ने यूके में प्रोटेस्ट समूहों की कानूनी सीमाओं और अंतर्राष्ट्रीय संघर्षों के प्रचार-प्रसार पर चर्चा को तीव्र कर दिया है। Post navigation TMC का किला भेदने के लिए BJP ने चला ये 'ब्रह्मास्त्र', बंगाल में 207 सीटें जीतीं मॉरिटानिया में निजी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की योजना पर तीखा विरोध