भारत अपनी रक्षा तैयारियों को और मजबूत करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान की गतिविधियों के जवाब में सैन्य स्थिति अभी भी बरकरार है। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन पिछले वर्ष आतंकवाद के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई का विस्तार है। इसमें तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य के युद्धों को ध्यान में रखते हुए सैन्य क्षमताओं को उन्नत किया जा रहा है। सेना आधुनिक तकनीक और रणनीतिक तैयारी पर जोर दे रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की सुरक्षा और सतर्क तैनाती को प्राथमिकता दी जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित की जा रही है। तीनों सेवाओं के संयुक्त अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। सेना का उद्देश्य हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार रहना है। यह तैयारी भारत की रक्षा नीति को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Source: Source Post navigation मॉस्को में भारत-रूस वार्ता: रक्षा, जहाज निर्माण और समुद्री सहयोग बढ़ाने पर जोर पानीपत के CRPF जवान तेजपाल सिंह का श्रीनगर में निधन, छुट्टी काटकर लौटे थे 4 दिन पहले