यूरोप की प्रमुख AI स्टार्टअप कंपनियों में से एक के सह-संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यूरोप लंबे समय तक अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर निर्भर रहने का जोखिम नहीं उठा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में सुपरइंटेलिजेंस वैश्विक प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक शक्ति का प्रमुख आधार बन सकती है। इसी वजह से यूरोप को अपनी स्वतंत्र AI क्षमताएं विकसित करनी होंगी। उन्होंने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक हालात इस आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहे हैं। यूरोपीय AI कंपनी मिस्त्राल AI स्थानीय स्तर पर विकसित और होस्ट किए गए AI मॉडल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य यूरोप के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI अवसंरचना और उन्नत मॉडल भविष्य की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के सामने वित्तपोषण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अमेरिकी तकनीकी दिग्गजों की तुलना में यूरोपीय कंपनियों के पास संसाधन सीमित हैं। इसके बावजूद उद्योग जगत में यूरोपीय AI पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की मांग बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते निवेश और नवाचार नहीं बढ़ाया गया तो यूरोप तकनीकी प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकता है। Source: Source Post navigation मध्य पूर्व संघर्ष के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था दिखा रही ‘सतर्क लचीलापन’: डीईए की रिपोर्ट भारत-अमेरिका व्यापार समझौता फाइनल: अमेरिकी राजदूत ने दी जानकारी, अगले कुछ हफ्तों में होंगे हस्ताक्षर