हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के व्यावसायिक वाहनों पर लगाए गए नए एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब-हिमाचल सीमा पर तनाव फैल गया। ट्रांसपोर्ट, टैक्सी और किसान यूनियनों ने सोमवार को चार घंटे का चक्का जाम किया। सीमा के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस) को छूट दी। ढेरोवाल बैरियर समेत करीब 55 एंट्री प्वाइंट पर यह जाम लगा। यूनियन नेताओं ने इस टैक्स को असंवैधानिक करार दिया और कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की अवधारणा के खिलाफ है। उन्होंने सरकार पर जनता की जेब पर डाका डालने और अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अगर टैक्स वापस नहीं लिया गया तो अनिश्चितकालीन चक्का जाम और आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। ट्रांसपोर्टरों और किसानों ने एकजुट होकर यह प्रदर्शन किया। हिमाचल सरकार अभी इस मामले पर मौन है। Source: Source Post navigation हांसी: भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन कार्य रुकने से शहरवासी हुए एकजुट, जिला सचिवालय में सौंपा ज्ञापन, बोले- ‘राजनीति करने वालों से बचें’ छत्तीसगढ़: जून में बढ़ सकता है बिजली का बिल, नए टैरिफ प्लान पर सरकार का मंथन, उपभोक्ताओं को लग सकता है बड़ा झटका