गृह मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों के पंजीकरण से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार, भारत में आने वाले विदेशी नागरिकों को अपने प्रवास को बढ़ाने के लिए 180 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद केवल आपात परिस्थितियों में ही देर से पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। जिन बच्चों का एक माता-पिता भारतीय नागरिक है, उन्हें इस पंजीकरण प्रक्रिया से छूट दी गई है। हालांकि, यदि कोई विदेशी नागरिक बाद में किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो इसकी सूचना 30 दिनों के भीतर देना आवश्यक होगा। सरकार ने प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए एक ऑनलाइन अपील प्रणाली भी शुरू की है। इसके अलावा 24 घंटे के भीतर रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी लागू की गई है। इन बदलावों का उद्देश्य आव्रजन नियमों को अधिक सख्त और सुव्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार इससे सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। नए नियमों से विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation 114 राफेल विमानों की बड़ी खरीद की ओर भारत, क्या दूर होगी वायुसेना की लड़ाकू विमान कमी? सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जजों की नियुक्ति, कुल संख्या 37 हुई, जानें कैसे बढ़ेगी न्याय प्रक्रिया की रफ्तार