झुंझुनूं के इंडाली गांव में सड़क हादसे में शहीद हुए सेना के ग्रेनेडियर सुनील कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पहुंचा। सुनील कुमार महज 17 दिन पहले ही पिता बने थे और उनके दो बेटे हैं। अंतिम विदाई के समय उनके 3 साल के मासूम बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर गांव में मातम छा गया और हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। सुनील की पत्नी नवजात बेटे को गोद में लिए फफक पड़ी। पूरे गांव की आंखें नम थीं। सेना के अधिकारियों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सुनील कुमार भारतीय सेना में ग्रेनेडियर के पद पर तैनात थे। उनका सपना था कि वे अपने बेटों को बड़ा करें, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया। प्रशासन ने शहीद के परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। Source: Source Post navigation मंडी: स्यांज बाजार पर ज्यूनि खड्ड का खतरा बरकरार, वादों के बावजूद मानसून से पहले नहीं बना सुरक्षा डंगा दिल्ली: होटल की आग में 21 लोग जले, पहचान मुश्किल, परिजनों का दर्द – ‘कोई पहचान में नहीं आ रहा’