स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के लागुना बेलार्मा बंदरगाह पर 25 मई को हंटावायरस संक्रमित क्रूज शिप एमवी होंडियस का पहुंचना तय है। इस शिप पर 140 यात्री और क्रू लोग शामिल हैं, जिन्हें तुरंत आइसोलेट करने के लिए स्पेन के स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां की हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदानोम गेब्रेयेसस भी स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मौजूद रहेंगे। इस घटना के कारण कैनरी द्वीप के निवासी चिंतित हो गए हैं, खासकर यह जानकर कि हंटावायरस की रोकथाम में अत्यंत सावधानी की आवश्यकता होती है।

हंटावायरस एक गंभीर संक्रामक रोग है जो चूहों के मल या उनके छिलके के साथ संपर्क में आने से फैलता है। यह रोग श्वास लेने में तकलीफ, बुखार और गंभीर फेफड़ों की समस्या का कारण बनता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि इस वायरस का इंसान से इंसान में फैलना बहुत कम संभव है, लेकिन क्रूज शिप पर एक साथ बहुत लोग होने से संक्रमण के फैलाव की आशंका बनी हुई है। कैनरी द्वीप पर पिछले कुछ वर्षों में भी हंटावायरस के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली इस बार अधिक सतर्क रही है।

कैनरी द्वीप के निवासियों ने बाजारों से सामान खरीदने की जगह घरों में रहने का फैसला किया है। स्थानीय अस्पतालों ने विशेष वार्ड तैयार कर लिए हैं, जहां संदिग्ध मामलों को अलग करके इलाज किया जाएगा। WHO के प्रमुख ने कहा कि ‘इस घटना के लिए स्पेन की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतिक्रिया कार्य उत्कृष्ट है, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत बनी हुई है।’ स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी यात्रियों को शिप पर रहने से पहले स्वास्थ्य जांच कराने का निर्देश दिया है।

इस घटना के बाद स्पेन के यात्रा नियमों में बदलाव आ सकता है। कैनरी द्वीप के लिए आने वाले अन्य जहाजों पर सख्त स्वास्थ्य नियम लागू किए जाएंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंटावायरस के फैलाव को रोकने के लिए देशों से समन्वय करने का आग्रह किया है। यह घटना यात्रा उद्योग के लिए एक चुनौती बनी है, क्योंकि इस द्वीप समूह का पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि आइसोलेशन कार्य तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

कैनरी द्वीप के निवासी अब अपनी जिंदगी के लिए चिंतित हैं, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों के विश्वास के अनुसार रोग के फैलाव को रोकने के लिए तैयारियां पूरी तरह से की गई हैं। WHO के अधिकारियों का मानना है कि यह घटना वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक अहम सबक है, जिससे भविष्य में इस तरह के संक्रमण के प्रबंधन में सुधार किया जा सकता है। शिप के पहुंचने के बाद सभी यात्रियों का टेस्ट कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अलग कर दिया जाएगा।