रायपुर की महिला केंद्रीय जेल में मदर्स डे के अवसर पर वीडियो कॉलिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है। इससे कैदियों को अब परिजनों से सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से बात करने का मौका मिलेगा। जेल प्रशासन ने इस नई सुविधा को राष्ट्रीय मातृत्व दिवस के अवसर पर लागू किया है। यह व्यवस्था जेल के प्रत्येक कक्ष में स्थापित की गई है। पहले कैदियों को परिवार से संपर्क करने के लिए टेलीफोन पर बात करना पड़ता था। इसमें बहुत समय लगता था और भावनात्मक जुड़ाव कम होता था। जेल प्रमुख ने बताया कि यह पहल उनके आधारभूत अधिकारों को मान्यता देने का प्रयास है। इस सिस्टम के लिए जेल में अतिरिक्त टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर लगाया गया है। जेल अधीक्षक डॉ. अनुराधा सिंह ने कहा, ‘यह सुविधा कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। वे अपने परिवार के साथ दृश्यमान रूप से जुड़ सकेंगी।’ उन्होंने बताया कि इसके लिए जेल के सभी कैदियों को पहले प्रशिक्षण दिया गया। वीडियो कॉल के दौरान जेल प्रशासन की निगरानी में ही कॉल होगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से कैदियों के मानसिक दबाव में काफी कमी आने की उम्मीद है। जेल प्रशासन ने इसे नवाचारात्मक कदम बताया है। इससे भविष्य में अन्य जेलों में भी इसी प्रकार की सुविधा लागू करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास से कैदियों के सामाजिक पुनर्वास में सहायता मिलेगी। रायपुर जेल में अब तक 250 से अधिक महिला कैदी रहती हैं। इस सुविधा के बाद उनके परिवारों से संपर्क करने में आसानी होगी। जेल प्रशासन ने बताया कि इस व्यवस्था के लिए विशेष एप्लिकेशन विकसित किया गया है। यह नियम व्यवस्था देश के अन्य राज्यों के लिए भी आदर्श बन सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य कैदियों के पुनर्वास को बढ़ावा देना है। Post navigation छत्तीसगढ़ में मई में मौसम का अस्थिर रुख: सुबह तपती धूप, शाम को तेज बारिश और गरज-चमक छत्तीसगढ़ के जंगली इलाके से निकले आईएफएस अधिकारी: अजय गुप्ता ने तेंदूपत्ता बीनकर लिखी सफलता की कहानी