छत्तीसगढ़ राज्य में मई माह के दौरान मौसम की अस्थिरता बढ़ गई है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित प्रमुख शहरों में सुबह के समय तेज धूप के साथ तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जबकि शाम को अचानक बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, यह असामान्य बदलाव मानसून के पूर्वाभास के साथ जुड़ा है। मई महीना छत्तीसगढ़ में गर्मी का शिखर होता है, जिसमें औसतन तापमान 35-40 डिग्री के बीच रहता है। लेकिन इस बार मौसम का व्यवहार पूरी तरह अलग है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह 10 बजे तक धूप तेज थी, जबकि शाम 5 बजे के बाद अचानक बादल छाए और 20-30 मिनट में बारिश हुई। यह स्थिति मौसम वैज्ञानिकों के लिए भी अप्रत्याशित रही है। कृषकों ने बताया कि खेतों में बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है। रायपुर के किसान रामचंद्र यादव ने कहा, ‘हमारे गेहूँ की फसल तैयार थी, अचानक बारिश से खेतों में पानी भर गया।’ मौसम विभाग ने लोगों से बारिश के समय बाहर न निकलने की सलाह दी है। इस अस्थिर मौसम का सीधा प्रभाव कृषि क्षेत्र और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में बाधा आई, जबकि गाँवों में नदियों का पानी बढ़ गया। राज्य सरकार ने आपातकालीन योजना चालू कर दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिन तक इसी तरह का मौसम रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और बारिश के दौर जारी रहेंगे। Post navigation छत्तीसगढ़ सरकार बिजली कर्मियों के डीए में 60 प्रतिशत की वृद्धि करेगी, मई 2026 से लागू होगा