छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के बिजली विभाग के कर्मचारियों के डीए (दिवाली अनुपात) को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया है। यह नई दर मई 2026 के वेतन से लागू होगी। वित्तीय सहायता के लिए बकाया राशि (एरियर) का भुगतान अगस्त 2024 तक चार किस्तों में किया जाएगा। इससे राज्य के लगभग 20,000 बिजली कर्मियों को आर्थिक राहत मिलेगी। यह निर्णय बिजली कर्मियों के द्वारा लंबे समय से मांगे गए डीए में वृद्धि के बाद आया है। पिछले कुछ वर्षों से इन कर्मियों का डीए 50 प्रतिशत था, जबकि राज्य के अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए यह 55 प्रतिशत था। इसके बाद नए बजट में वित्त विभाग ने इस विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। अर्थशास्त्री इस निर्णय को महंगाई के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। बिजली कर्मियों के संघ ने इस निर्णय का स्वागत किया है। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यह निर्णय उनके द्वारा लंबे समय से दावा किए गए मांगों को पूरा करता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आगे आधारभूत वेतन में भी वृद्धि की जाए। सरकारी स्रोतों से यह भी पुष्टि हुई है कि इस वृद्धि के साथ-साथ अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन संरचना पर भी विचार किया जाएगा। इस वृद्धि के बाद बिजली कर्मियों की मासिक आय में लगभग 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बकाया राशि के चार किस्तों में भुगतान से कर्मचारियों को वित्तीय तंगी से मुक्ति मिलेगी। वित्त विभाग ने बताया कि पहली किस्त जुलाई के अंत तक जारी की जाएगी। इस निर्णय के साथ ही राज्य सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए वेतन नीति में सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते डीए के पैटर्न के अनुरूप है। केंद्र सरकार ने भी हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए 60 प्रतिशत कर दिया है। छत्तीसगढ़ के इस कदम से राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारी संतुष्टि बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य में सरकारी क्षेत्र में विकास के लिए एक आवश्यक कदम है। Post navigation केरी पैकर के ‘सर्कस’ से आज की फ्रेंचाइजी क्रिकेट की शुरुआत: आधुनिक खेल का मूलाधार छत्तीसगढ़ में मई में मौसम का अस्थिर रुख: सुबह तपती धूप, शाम को तेज बारिश और गरज-चमक