अमेरिकी सीनेट ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस कदम को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य नीति को चुनौती देने वाली बड़ी राजनीतिक घटना माना जा रहा है। प्रस्ताव बेहद करीबी मतदान के बाद पारित हुआ, जिससे देश के भीतर बढ़ते मतभेद भी सामने आए हैं। सीनेट के कई सदस्यों ने बिना संसदीय सहमति के सैन्य हस्तक्षेप पर चिंता जताई। विधेयक का उद्देश्य युद्ध संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करना है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ‘बेमानी’ बताते हुए इसकी आलोचना की है। माना जा रहा है कि वह इस पर वीटो का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बावजूद सीनेट का यह फैसला ईरान नीति को लेकर बढ़ती राजनीतिक बेचैनी का संकेत माना जा रहा है। सांसदों ने संघर्ष के आर्थिक प्रभावों और संभावित जोखिमों पर भी सवाल उठाए हैं। लगातार बढ़ते रक्षा खर्च और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। प्रस्ताव से यह भी स्पष्ट हुआ है कि अमेरिका में ईरान के साथ टकराव को लेकर एकमत राय नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच टकराव बढ़ सकता है। फिलहाल यह कदम युद्ध संबंधी अधिकारों पर बहस को नई दिशा देता नजर आ रहा है। Source: Source Post navigation अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार: परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल विवाद और इजरायल की भूमिका से टली नहीं जंग की आशंका यूटा और वायोमिंग के नीचे आ रहे रहस्यमयी गहरे भूकंपों ने वैज्ञानिकों को उलझाया