केन्या में 2024 के घातक सरकार विरोधी प्रदर्शनों की दूसरी बरसी पर आयोजित स्मारक मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, 25 जून 2026 को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लापता हुए सात लोगों में से छह को नैरोबी के विभिन्न हिस्सों में ‘फेंका’ (dumped) हुआ पाया गया। पीड़ित गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने पुलिस हिरासत के दौरान क्रूर यातनाएं दिए जाने और मास्क पहने हुए लोगों द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना में अभी भी एक व्यक्ति लापता है। गौरतलब है कि 25 जून 2026 को नैरोबी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई थीं, जिसके बाद पुलिस ने देशभर से 355 लोगों को गिरफ्तार किया था। केन्या मानवाधिकार आयोग (KHRC) ने इन घटनाओं को पुलिस की बर्बरता और जबरन गायब करने (enforced disappearances) के पुराने इतिहास का हिस्सा बताया है। सरकार ने प्रदर्शनों को अवैध घोषित कर रखा था और भारी सुरक्षा बल तैनात किए थे। पीड़ित परिवारों ने सरकार से प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के लिए न्याय और पारदर्शिता की मांग की है। यह घटना केन्या में नागरिक स्वतंत्रता और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर एक बार फिर बहस का केंद्र बन गई है। Source: Source Post navigation गाजा में विस्थापितों के टेंटों पर इजरायली हमला: दो लोगों की मौत, दर्जनों घायल