डॉक्टरों ने शहरी नियोजन में स्वास्थ्य सेवाओं को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के साथ स्वास्थ्य ढांचे का मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरों की योजना बनाते समय अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिकता दी जाए। विशेषज्ञों के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से शहरी आबादी पर दबाव बढ़ता है। डॉक्टरों ने प्रदूषण और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को भी चिंता का विषय बताया है। उन्होंने स्वस्थ शहर बनाने के लिए समन्वित नीति की मांग की है। सार्वजनिक स्वास्थ्य को विकास योजनाओं का हिस्सा बनाने पर बल दिया गया है। बेहतर स्वास्थ्य ढांचा आपात स्थितियों से निपटने में भी मदद करेगा। शहरी विकास नीतियों में स्वास्थ्य को शामिल करने से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा। इस विषय पर नीति निर्माताओं से गंभीरता से विचार करने की अपील की गई है।

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