महाराष्ट्र सरकार निजी कंपनियों के लिए POSH कानून के अनुपालन को और सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार वार्षिक ऑडिट के दौरान POSH अधिनियम के पालन की जांच अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। कंपनियों को आंतरिक शिकायत समिति के गठन और उसके कामकाज का रिकॉर्ड बनाए रखना होगा। ऑडिट के दौरान संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। इस पहल से कार्यस्थलों पर जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और समान कार्य वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे यौन उत्पीड़न की शिकायतों के प्रभावी निपटारे में मदद मिलेगी। यह कदम महिला कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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