ATF पर सिर्फ 1% वैट के बावजूद, नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली जितनी या उससे महंगी राजकीय चुनौतियों का प्रमाण है। वजह है ऊंचे एयरपोर्ट चार्जेस और यूजर फीस, जिनके परिमाण को देखने पर एयरलाइंस भी सवाल उठा रहे हैं। तथ्य है कि कई अक्षरियों और एयरलाइन के प्रबंधकों ने बताया है कि इसमें लगभग 50-60% वैट देखा गया है। अन्य अक्षरियों ने भी साझा किया है कि इन चार्जेस में विशेषज्ञता और सुविधाओं के कम प्रदान के साथ-साथ उच्च मूल्य भी महसूस किया गया है। इन वजहों से, एयरलाइनों ने अपनी दरों पर जाँच कर रही हैं और यह बुलेट में लिखा है। व्यवसाय संबंधी विचार भी उठाए गए हैं कि क्या कोई निरपेक्ष मुद्दा इन टकरावों में महसूस किया जा सकता है। अन्ततः, ये आवश्यक है कि संबंधित प्राधिकरणों और कंपनियों ने दर में जटिलता की चुनौतियों पर एक संयुक्त कार्य करने का प्रयास करें। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation TCS केस: कोर्ट में निदा खान पेश, डिजिटल सबूत वाला न्याय बिजनौर: पेड़ से लटकी मिली कैदी की लाश, हत्या का आरोप लगाकर किया हंगामा