वैज्ञानिकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से लगभग 2,000 वर्ष पुरानी हरकुलेनियम पांडुलिपि PHerc. 1667 को बिना खोले पढ़ने में सफलता हासिल की है। यह पांडुलिपि माउंट वेसुवियस ज्वालामुखी के विस्फोट में जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। उन्नत इमेजिंग और एआई तकनीक की सहायता से लगभग 1.5 मीटर लंबा प्राचीन यूनानी पाठ पढ़ा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें स्टोइक दर्शन और नैतिकता से जुड़ा एक खोया हुआ ग्रंथ हो सकता है, जिसे संभवतः दार्शनिक क्रिसिपस ने लिखा था। एक अन्य पांडुलिपि से यह भी संकेत मिला कि दार्शनिक फिलोडेमस की रचना ‘ऑन गॉड्स’ आठ पुस्तकों में थी। इस उपलब्धि को प्राचीन इतिहास और पुरातत्व के क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है। एआई तकनीक ने उन दस्तावेजों को पढ़ना संभव बनाया है जिन्हें पहले अपठनीय माना जाता था। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे प्राचीन सभ्यताओं के बारे में नई जानकारियां मिलेंगी। इसी दिशा में ‘वेसुवियस चैलेंज’ के तहत एक और पांडुलिपि को पढ़ने वाले को 10 लाख डॉलर का पुरस्कार भी घोषित किया गया है। Source: Source Post navigation सब्सिडी खत्म होने के बाद महंगा हुआ Obamacare, लाखों अमेरिकियों ने छोड़ा स्वास्थ्य बीमा