कूनियो वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी के अल्फा मेल बाघ ‘युवराज’ को क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई में गंभीर चोटें आई हैं। यह संघर्ष एक युवा प्रतिद्वंद्वी बाघ के साथ हुआ, जिसमें युवराज बुरी तरह घायल हो गया। 11 वर्षीय इस बाघ के पंजों में गहरे घाव पाए गए हैं। स्थिति गंभीर होने के कारण उसका रेस्क्यू करना पड़ा। बिना हाथी की सहायता के जमीन पर यह बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। रेस्क्यू के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल भेजा गया है। वन विभाग के अनुसार, यह घटना अभयारण्य के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। युवराज ने इस क्षेत्र को एक समृद्ध बाघ आवास के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाई थी। अब विशेषज्ञों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। इस घटना से वन्यजीव संरक्षण और बाघों के बीच प्राकृतिक संघर्ष की गंभीरता भी सामने आई है। अधिकारी उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। Source: Source Post navigation उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कैमरे में कैद हुआ ढोल का झुंड, वन संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता चार पीढ़ियों की सैन्य विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं प्रणय छाबड़ा, जिनके परिवार का सफर द्वितीय विश्व युद्ध से शुरू हुआ