जी. सिंधुश्री ने पोल वॉल्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। अपनी इस उपलब्धि को उन्होंने अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया। खिलाड़ी ने बताया कि 2022 में उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उनके जीवन में कई चुनौतियां आईं। आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार अभ्यास जारी रखा। उचित उपकरणों की कमी के बीच भी उनके पिता का विश्वास और प्रेरणा उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनी रही। रिकॉर्ड तोड़ने के बाद उन्होंने अपने पिता की तस्वीर हाथ में लेकर भावुक पल साझा किया। इस जीत को उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत का परिणाम बताया। कोच और समर्थकों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की। इस उपलब्धि ने उन्हें एशियन गेम्स में भाग लेने के लक्ष्य के और करीब पहुंचा दिया है। उनकी कहानी को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। Source: Source Post navigation कोलकाता के सर्वार्थो मणि ने FIDE वर्ल्ड कैडेट कप में जीता रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप के लिए किया क्वालिफाई ‘खुद पर संदेह था’: जे गौतमी की शानदार वापसी, एशियन गेम्स के लिए किया क्वालीफाई