पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्या से कातिलों की कहानी उल्लेखनीय है. पुलिस ने ट्रिक के माध्यम से अपनी गुत्थी का बांध बनाया, जहाँ नकली नंबर प्लेट और घिसे चेसिस नंबर रैंग में कामयाबी का अवशेष हो गए. पुलिस ने जरूरी ट्राक्टर का UPI पेमेंट त्रस्त किया, इससे कातिलों का समर्थन रैंग नष्ट हुआ. दक्षताओं के माध्यम से पुलिस ने बड़ी चेहरा-सपना त्रस्त करके इस वजह से अवश्य गुत्थी का जाल बनाया. भीच में कैसे पुलिस ने आरोपियों की खोज शुरू की, उनके व्यवहार से कैसे ग़लती तथा ठाकूर पत्र क्षेत्र में जिम्मेदारी निश्चित की, सभी यहाँ विस्तार से बताएंगे. इस खबर से लोग गुट्थी का हवाई अड्डा और दक्षता योजनाओं की रचना में उपयोग किए जाने वाले तैयार सुधार कर सकते हैं. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation NEET पेपर लीक के मुख्य सरगना मनीष यादव और अविनाश लांबा हैं, दोनों तक कैसे पहुंचा सेट? प्रिंटिंग प्रेस से सवाल आउट, गेस पेपर बंटे… NEET पेपरलीक की पूरी टाइमलाइन