शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़ने वाले छह सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इन दलबदल को एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताते हुए इसे ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ करार दिया। ठाकरे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की। उनका कहना है कि दलबदल विरोधी कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए। उद्धव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए अपने ही नेताओं की भूमिका को कमजोर कर रही है। वह इन बागी सांसदों के संसदीय क्षेत्रों के दौरे पर भी हैं। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि जनता ने सांसदों के व्यक्तिगत प्रभाव के कारण नहीं, बल्कि कथित ‘मोदी लहर’ के खिलाफ मतदान किया था। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए। ठाकरे ने दलबदल को मतदाताओं के विश्वास के साथ विश्वासघात बताया। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत लिया जाएगा। दलबदल से जुड़े इस विवाद पर आगे की राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। Source: Source Post navigation ममता समर्थकों का बागियों पर बड़ा आरोप, समानांतर संगठन चलाने के आरोप में दर्ज कराईं चार शिकायतें पुलिस भर्ती विवाद पर नवीन जयहिंद का HSSC चेयरमैन पर हमला, व्यवस्था और पारदर्शिता पर उठाए सवाल