हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अंतर्देशीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य ने बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया है। जलीय कृषि और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन में निवेश बढ़ाया गया है। इससे मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी राष्ट्रीय योजनाओं ने इस विकास को गति दी है। इन पहलों से मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने में मदद मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। उत्पादन बढ़ने से पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिली है। आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण से मत्स्य पालन अधिक लाभकारी बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Source: Source Post navigation 11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ युद्धपोत INS महेंद्रगिरी, बढ़ेगी समुद्री ताकत मुंबई में बारिश का कहर जारी, रेड अलर्ट के बीच बीएमसी स्कूल मंगलवार तक बंद