असम की बीजेपी सरकार ने फिर वापसी की है. हिमंत बिस्वा मुख्यमंत्री की शपथ लेने जा रही है, जो दूसरी बार इस पद पर कार्यरत होगी. अनुसरणकर्ता संयोग में चार नेताओं ने शपथ लेने जा रहे हैं. कैबिनेट का अनुसार ‘जाति, माटी और भेटी’ को जमीन पर उतारना चाहते हैं, इसके साथ-साथ सियासी और क्षेत्रीय समीकरण के लिए भी काम करना है. राज्य के दुर्घटनाओं और आपदाओं को हल करने का प्रयास करने में शक्तिशाली भूमि से इनकी दिशा निर्धारित है. हिमंता और उसके अधिकारियों की मुद्दों पर व्यवहार के साथ-साथ नई आयातन भेटियों को लेकर भी बहती है. सबसे महत्वपूर्ण रहे इसके प्लानों का उद्देश्य, असम की सामुदायिक समाज को एकीकरण करने में है. बीजेपी इस पर नए प्रयास करने का उत्तरदायित्व ले रही है, जिसका सफल होना असम के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.

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