पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद, नई सरकार ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की शुरुआत की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नेतृत्व वाली सरकार ने बड़े प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों की शुरुआत की है. राज्य के गैर-सांविधिक बोर्डों और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्त सभी नॉमिनेटेड पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री जी की नए सरकार ने गतविषयों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है, इसमें मुख्य रूप से उद्योग, कर्मचारी दल और साहयक पदाधिकारियों की चाहिए. नई सरकार ने ब्रिटन में आत्मसर्वेक्षण शुरू करने से पहले ही यह फैसला लिया, इसका मतलब है कि ब्रिटन और उद्योग नेताओं के नीतिगत दावे को पहचान रही है. अब सभी शिकारी समस्याओं का सुलझाव करने के लिए, मुख्यमंत्री जी और नई सरकार की अध्यक्ष ममता शर्मा देखते हैं कि कैसे गणतन्त्र बोर्डों की विस्थापन से जुड़ी आदान प्रदान किया जा सकता है. इस फैसले का परीक्षण मेमोरंडम, राज्य संविधान और अन्य संस्थाओं पर लगभग 20 बुद्धिमान और संवैधानिक क्षेत्रों पर विचार जोड़ने की अवसर है. मुख्यमंत्री जी की गणतन्त्री की पहला शुरुआत सरकार ने बड़ी प्रशासनिक और नीतिगत उपायों को इसके लिए तैयार किया है, जो समाज के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation तमिलनाडु मुख्यमंत्री ने शराब की दुकानों पर गहरा फैसला लिया! PM Modi का ‘WFH’ मंत्र! क्या फिर लौटेगा कोविड काल वाला वर्क कल्चर?