प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह में एक विशेष अवसर पर जलाभिषेक किया. इस घटना ने उत्तराखंड के सभी दिशाओं से कई शहकर्मी और सैनिकों को आग्रह रखा. जलाभिषेक के तत्पश्चात, नए मंदिर की बड़ी उत्सवियों पर ध्यान लाया गया. सौकर्म और भगवान सहस्रशिखर श्रीमन् चन्द्रशेखर विष्णु के उपासना में अंबर का प्रयोग किया गया. इसका उद्देश्य है कि संस्कृती की धमाके से रहने और भारत की प्रगति में मदद करना. जलाभिषेक ने यह दर्शकों को मदद की, वे सबकुछ धमाकेमय अवसरों के रूप में मना करते हैं.

🔗 Read original sourceAaj Tak