छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल रंग ला रही है। जिला प्रशासन ने युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से 30 दिवसीय एलएमवी ऑनर ड्राइवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल के तहत 31 पुनर्वासित युवाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को हिंसा से दूर कर सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनने के लिए आगे बढ़ रही हैं। इस पहल से पुनर्वासित लोगों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास बढ़ रहा है। प्रशासन का मानना है कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation कोरबा के सतरेंगा में डूबे SECL कर्मी का 24 घंटे बाद मिला शव, दोस्तों संग पिकनिक पर गए थे शिवनाथ नदी उफान पर, समरिया घाट पुल डूबा, भाटापारा-बिलासपुर मार्ग पर आवागमन बंद