हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहाड़ी कटान पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा है कि निजी निर्माण के लिए पहाड़ों की कटाई पूर्णतः वर्जित रहेगी। भारी बारिश के चलते पहाड़ी ढलानों के कमजोर होने से जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि अनियोजित निर्माण कार्य प्राकृतिक आपदाओं को और अधिक घातक बना सकते हैं। हालांकि, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों जैसे आवश्यक सरकारी पुनर्निर्माण कार्यों को इस प्रतिबंध से विशेष छूट दी गई है। सभी उपमंडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर कड़ी नजर रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 60 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षा मानकों का पालन करने और ढलान वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। ऊना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील पारिस्थितिकीय तंत्र की रक्षा करना है। यह पाबंदी तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में लागू कर दी गई है। Source: Source Post navigation अमृतसर में 3 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, सरकार के निर्देश पर एडीए की बड़ी कार्रवाई मोगा में राजमार्ग परियोजनाओं में आएगी तेजी: डिप्टी कमिश्नर ने एक माह में सर्विस लेन पूरी करने के दिए निर्देश