वर्तमान में तमिलनाडु में रहने वाले TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को हाई कोर्ट द्वारा फ्लोर टेस्ट में जुड़ने से रोका गया है। यह फैसला अंतर कानूनी मामलों की बात है, जिसमें पोस्टल बैलेट के संबंध में एक विवाद से रोजगार लगा हुआ इतना अच्छा है। हाई कोर्ट ने यह स्थिति की जांच कर उसकी पहली कौशल के आधार पर फैसला लिया। इसके अनुसार, वेतन संबंधी मामलों को छोड़कर उपलब्ध जांचवार डैटा पर निर्भर किये हुए फ्लोर टेस्ट में सत्ता की दावेदारी को अधिक शक्ति से जाँचने के लिए आवश्यकता है। हालांकि TVK विधायक ने हाई कोर्ट की घोषणा मुगलदार समझी, उन्होंने अभी तक सुप्रीम कोर्ट की चुनौती दियी है। इसके बावजूद, राज्य का प्रतिनिधि हाई कोर्ट की घोषणा को समझने में हुई लगी, तथापि उन्होंने अपनी दल की सुविधाओं को बचाने के लिए खराब वक्तव्य देते हुए इस मामला पर और डाउन प्रश्न रख दिए। यह मामला राज्य की सिपाहियों की बैलेट व्यवस्था के आधार पर इन्हें सुरक्षित रखने की मानहानि को दर्शाता है। अब फ्लोर टेस्ट एवं कानूनी मामलों की बात संवैधानिक रूप से चरम पर होने वाली दिख रही है। अब श्रीनिवास सेतुपति को अस्पष्ट परिस्थिति में डालकर इसमें या उसके खिलाफ होने वाली बैठकों की नतीजात्मकता पर आधारित और महत्वपूर्ण फैसले हुए या नहीं, इस मामले से अन्तिम कदम उठाए जाएँगे। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation शॉकिंग! 2026 से तेलफोन कीमतें दोगुनी हो जाएंगी, कम फीचर्स का मूल्य बढ़ाएंगे दुबई के रियल एस्टेट मार्केट पर संकट, 2027 तक होगी देरी