महाराष्ट्र के पालघर में भारी बारिश और जलभराव के बीच मानवता की प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। जलभराव के कारण एंबुलेंस गर्भवती महिला के घर तक नहीं पहुंच सकी। ऐसी स्थिति में आशा सेविका और स्थानीय लोगों ने तुरंत पहल की। उन्होंने घर का दरवाजा निकालकर उसे अस्थायी स्ट्रेचर के रूप में इस्तेमाल किया। इसके सहारे गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला का उपचार तुरंत शुरू हो सका। इलाज के बाद महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। स्थानीय लोगों की सूझबूझ और सामूहिक प्रयास की व्यापक सराहना हो रही है। इस घटना ने कठिन परिस्थितियों में सहयोग और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया है। लोगों ने इसे इंसानियत और सामुदायिक एकजुटता की मिसाल बताया है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में घर का सपना हुआ आसान: आरडीए की 121 संपत्तियों की अब ऑनलाइन बुकिंग सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों की बड़ी सफलता, जटिल सर्जरी से 28 वर्षीय युवक का प्राकृतिक कुल्हा जोड़ बचाया