मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के दो युवाओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी आस्था का अनोखा उदाहरण पेश किया है। 23 वर्षीय निर्मल उइके ने अपनी निजी नौकरी छोड़कर यह धार्मिक यात्रा शुरू की। उन्होंने अपने 22 वर्षीय मित्र तुलेंद्र मरावी के साथ केदारनाथ धाम तक 1450 किलोमीटर की दंडवत यात्रा का संकल्प लिया। दोनों ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी से यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समाज सेवा का संदेश देना भी है। दंडवत यात्रा कठिन और अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। दोनों मित्र कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने संकल्प पर अडिग हैं। उनकी यात्रा लोगों के बीच श्रद्धा, मित्रता और समर्पण की मिसाल बन रही है। स्थानीय लोग भी उनके साहस और दृढ़ निश्चय की सराहना कर रहे हैं। Source: Source Post navigation सुधा मूर्ति का नेतृत्व मंत्र: पद नहीं, जिम्मेदारी और दूसरों की मदद ही असली नेतृत्व की पहचान ब्रिटेन में यौन संपर्क से फैलने वाला शिगेला संक्रमण बढ़ा, एंटीबायोटिक प्रतिरोधी मामलों ने बढ़ाई चिंता