सिरसा जिले के बुढ़ाभाणा गांव में नहर बंद होने के कारण भीषण पेयजल संकट पैदा हो गया है। गांव की मुख्य पाइपलाइन में पेड़ों की जड़ें घुस जाने से पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। रोड़ी नहर से आने वाली यह पुरानी पाइपलाइन अब पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी है, जिससे जलघर के टैंक सूखने की कगार पर हैं। गांव की 2500 की आबादी पिछले कई दिनों से जलापूर्ति न होने के कारण निजी टैंकर मंगवाने को मजबूर है। स्थिति यह है कि गांव का भूजल खारा है और पंचायत द्वारा लगवाया गया ट्यूबवेल भी काम नहीं आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे लगे पेड़ों के कारण पाइपलाइन की सफाई या मरम्मत करना असंभव है। पंचायत ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 2023 से ही नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है, लेकिन वह अभी तक फाइलों में ही अटका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 2002 में बना यह जलघर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों ने अब डीसी से गुहार लगाने का निर्णय लिया है। यदि जल्द ही नई पाइपलाइन नहीं बिछाई गई, तो गांव में पानी का संकट और अधिक विकराल हो जाएगा। Source: Source Post navigation अबोहर: जलभराव और सेम की समस्या से निजात दिलाने के लिए 6 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू, 160 एकड़ जमीन होगी फिर से उपजाऊ किशनगढ़-बालसमंद लिंक नहर के लिए संयुक्त सर्वे को मंजूरी: भाखड़ा कमांड एरिया के किसानों को मिलेगी राहत