नीट यूजी 2026 की परीक्षा के रद्द होने और पेपर लीक मामले से सीबीआई ने जांच शुरू की। राजस्थान पुलिस की जांच के बाद, 45 लोगों को हिरासत में लिया गया है। विवाद एक गेस पेपर से शुरू हुआ जिसमें 720 में से 600 नंबर के सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे। भारत सरकार की आईपीयों और अन्य पुलिस कर्मचारियों ने देखा कि गेस पेपर में कई सवाल असली NEET परीक्षा के संगत थे। इन तथ्यों से विचार किया गया कि पेपर में कुछ बदलाव हो सकते हैं। अभ्यर्थी और उनके आज़ादिदारों को भ्रम लगाकर इस घटना का तहाना किया गया है। इस मामले पर सीबीआई ने जांच के बाद अभ्यर्थियों, आज़ादिदारों और अन्य संबंधित विशेषज्ञों से खुली-खुली मौफ़ियाँ की। विभिन्न दलों और आंदोलनों के लिए यह घटना बहुत प्रभावशाली है, जिनकी राह से अच्छा इन्स्टिट्यूट और चाकरण की ओर दिशा में गति लेने की हवा उत्पन्न हुई। हमारे विश्लेषण के अनुसार, NEET परीक्षा में ऐसा संपूर्ण घटना तो इतना ही आसान नहीं था। यह देखभाल के क्षेत्र में भी अधिक प्रश्न उठाए जाने की कोशिश हुई, और इसका फ़िल्ड सीबीआई और राजस्थान विधायी संघ में भी एक सहमति प्रदर्शन के रूप में दिखाई दिया है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation नाबालिग प्रेमिका टावर पर चढ़कर अपने प्रेमी को जेल से छुड़ाने में शिकायत हिमंता का इंटरनेशनल जलवा, शपथ ग्रहण में पहुंचे US राजदूत