अखिलेश ने सपा सांसद अजेंद्र लोधी के अपमानजनक भाषण से झाड़ा पल्ला किया। मुख्य उद्देश्य बनाए रखने के लिए महोबा में अजेंद्र लोधी के इस भाषण की विवाहरण और सपा प्रमुख ने उसकी पहचान कितनी हल्की थी। अजेंद्र लोधी, जो मोदी गवर्नमेंट की खिड़कियों से अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करके प्रशंसा की थी, उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं। जहाँ सपा सांसदों में अजेंद्र लोधी के भाषण की परामर्श करने का फ़ैसला हुआ, महोबा में उनके इस बयान से तत्काल विरोध दिखाया गया। अखिलेश की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हुई, उन्होंने अजेंद्र लोधी के बयान को गलत बताते हुए झाड़ा पल्ला किया। सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने आगे, “हमें कोई गाली और अपमानजनक भाषण नहीं चाहिए।” इस बयान से यह पता चलता है कि सपा में गवर्नमेंट की स्थिति अभी भी रोशनी में आई नहीं। अजेंद्र लोधी के बयान का दबाव यह हलका है कि उन्होंने सपा के प्रमुख का भी मत किसी पर नहीं लगा सकता। अखिलेश यादव की रिक्टिफाइकेशन में अपने खुशबूदार बयान को उचित प्रकार से जहाँ कर दिया है। गवर्नमेंट की इस अपमानजनक भाषा के बारे में आगे के विकासों में देखते हैं। अखिलेश यादव और सपा सांसद अजेंद्र लोधी के इन रिझल्ट्स में बहुत प्रभावी डिसक्स्शन होगा। यह दिखाता है कि समाज में अपमानजनक भाषण के बारे में एक प्रतीकात्मक चर्चा शुरू हो गई है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation जैक पॉल ने जोशुअ की हार के इनजरियों से अपनी बॉक्सिंग करिएर में विशदित होने का सहमति दिया डेस्न ने 6 मिलियन डॉलर की वजह से इंटिग्रेट्ड डिजाइन-कोडबेस टूल बनाने का प्रयास कर रहा है