जंग के बीच सऊदी अरब ने भी ईरान पर एयरस्ट्राइक की थीं. दावा है कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में सऊदी एयरफोर्स ने मार्च में जवाबी कार्रवाई की. हालांकि सार्वजनिक तौर पर रियाद लगातार शांति और तनाव कम करने की बात करता रहा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, सौदियों की इस कार्रवाई के पश्चात् नेशनल सुथर्ड और अन्य देशों ने विभिन्न कौशल का उपयोग करके रियादी व्यवस्था की समर्थन की इच्छा जाहिर की। तथाकथित मुख्यमंत्री बिनजेश हैदरी के वक्तव्यों में भी दहशत के विषय में आँसू लगाना था। वे कहे गए हैं कि सऊदी की क्रियाओं को बहुराष्ट्रीय कनवेशन और मंच पर उपस्थिति का विचार करने की इच्छा है। इसके अतिरिक्त, दुनिया सभी देशों में भी प्रश्नों की चर्चा जारी रही है। विशेष रूप से अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन में, जहाँ कई संसदीय परिषद्दों और पक्षों ने विरोध की चेतावनी दी है। बुलेट या बम आशय भी एक अस्थिर महाद्वीप पर दबाव पड़ा है, जो कि नए डिलों के और उनके विकास को आग्रह करता है। यह सीमित हवामान में है, जहाँ रियाद लगातार बार-बार शांति के प्रयासों पर कल्पना कर रहा है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation छत्तीसगढ़ में मौसम का डबल अटैक: कुछ हिस्सों में गर्मी, दूसरे हिस्सों में बारिश Raipur News: युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा; यूनिपोल पर चढ़कर काटा बवाल, पुुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद नीचे उतारा