सदर अस्पताल में पिछले छह महीनों के दौरान कुत्ते के काटने के 52,669 मामले दर्ज किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में मामलों के सामने आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अस्पताल में कुत्ते के काटने के बाद इलाज और एंटी रेबीज वैक्सीन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है। अस्पताल प्रशासन मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई गई है। लोगों को आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने रेबीज से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने पर जोर दिया है। Source: Source Post navigation श्रृंगेरी तालुक कार्यालय के पास रिटेनिंग वॉल में दरार, लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह गुरदासपुर सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में फ्रीजर खराब, 25 यूनिट रक्त हुआ नष्ट; कंपनी को नोटिस