छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मानपुर मुठभेड़ में शामिल आरक्षकों की ‘आउट ऑफ टर्न’ पदोन्नति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक को याचिकाकर्ताओं के लंबित अभ्यावेदन पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एसपी को आगामी 150 दिनों के भीतर इस पर निर्णय लेना होगा। यह फैसला पूरी तरह से मौजूदा नियमों और कानूनों के दायरे में लिया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान आरक्षकों की वीरता और कर्तव्यपरायणता का उल्लेख किया गया था। लंबे समय से चल रहे पदोन्नति विवाद को सुलझाने की दिशा में इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बहादुरी के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिला। अदालती आदेश से प्रभावित जवानों में अब न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस विभाग को अब कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपना रुख स्पष्ट करना होगा। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी इस आदेश का सीधा असर पड़ेगा। यह निर्णय पुलिस विभाग में पदोन्नति के अन्य लंबित मामलों के लिए भी एक नजीर साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें राजनांदगांव एसपी के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।

Source: Source