सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 22 को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान विरासत में मिली कृषि भूमि पर भी लागू होगा। फैसले के अनुसार क्लास-1 उत्तराधिकारियों को सह-उत्तराधिकारी के हिस्से को खरीदने में प्राथमिक अधिकार मिलेगा। कोई उत्तराधिकारी अपनी हिस्सेदारी किसी तीसरे व्यक्ति को बेचने से पहले अन्य योग्य उत्तराधिकारियों को अवसर देगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अधिकार पारिवारिक संपत्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से दिया गया है। यह निर्णय उत्तराधिकार से जुड़े भूमि विवादों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने कानून की व्याख्या करते हुए उत्तराधिकारियों के अधिकारों को मजबूत किया है। फैसले से कृषि भूमि के हस्तांतरण से जुड़े मामलों पर असर पड़ेगा। इससे परिवार के भीतर संपत्ति के अधिकारों को प्राथमिकता मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय भविष्य के समान मामलों के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकता है। Source: Source Post navigation शिक्षकों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ा झटका: क्रमोन्नति वेतनमान की मांग वाली 14 याचिकाएं एक साथ खारिज आजम खान की यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर गिरेगी गाज, बिना मंजूरी निर्माण का आरोप