कर्नाटक के लगभग आधे स्कूल अभी तक ऑनलाइन सुविधाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में राज्य राष्ट्रीय औसत से पीछे चल रहा है। स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और ऑनलाइन संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इससे छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल माध्यमों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं के विस्तार की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। डिजिटल बुनियादी ढांचे की कमी से ऑनलाइन शिक्षण और ई-संसाधनों की पहुंच प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी है। सरकार और शिक्षा विभाग डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बेहतर इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों से छात्रों के सीखने के अवसर बढ़ सकते हैं। कर्नाटक को डिजिटल शिक्षा के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए और तेजी से काम करने की आवश्यकता है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में शुरू होगा बीएड पाठ्यक्रम, दुर्ग संभाग से होगी नई व्यवस्था की शुरुआत 22 साल की उम्र में बिना कोचिंग UPSC में सफलता, IAS अनन्या सिंह ने ऐसे हासिल की ऑल इंडिया रैंक 51