भारतीय रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत खुला। रुपया 14 पैसे की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। घरेलू शेयर बाजारों में तेजी से रुपये को समर्थन मिला। निवेशकों के सकारात्मक रुख का असर मुद्रा बाजार पर भी दिखाई दिया। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने रुपये की मजबूती को सीमित रखा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाए रखा। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। उभरते बाजारों की मुद्राओं पर वैश्विक अनिश्चितताओं का असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार रुपया सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। आगे की दिशा वैश्विक बाजार संकेतों और विदेशी पूंजी प्रवाह पर निर्भर करेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच रुपये पर नजर बनी हुई है। निवेशक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और तेल कीमतों की गतिविधियों को करीब से देख रहे हैं। Source: Source Post navigation किराए के घरों में सिक्योरिटी डिपॉजिट का बढ़ता बोझ: मेट्रो शहरों में फंसे ₹1.26 लाख करोड़ नई Toyota Hilux जल्द भारत में होगी लॉन्च: कंपनी ने जारी किया टीजर, नए डिजाइन के साथ आएगी पिकअप ट्रक