ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने ‘स्टॉर्म फाइटर’ पहल की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वायत्त ड्रोन विकसित करना है जो पायलट संचालित लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर काम करेंगे। यह पहल यूरोप की पहली छठी पीढ़ी की वायु शक्ति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम में मानव और स्वायत्त प्रणालियों के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे भविष्य के हवाई अभियानों की क्षमता और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद है। स्वायत्त ड्रोन निगरानी, सुरक्षा और युद्ध अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नई तकनीक से सैन्य अभियानों में जोखिम कम करने और दक्षता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दुनिया के कई देश उन्नत मानवरहित हवाई प्रणालियों पर तेजी से निवेश कर रहे हैं। अमेरिका और भारत भी इसी तरह के कार्यक्रमों की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। यह पहल वैश्विक स्तर पर अगली पीढ़ी की हवाई युद्ध तकनीकों की दिशा में बढ़ते बदलाव को दर्शाती है।

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