नीदरलैंड के कई शहर शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल बदलाव अपना रहे हैं। यहां ठोस कंक्रीट सतहों की जगह घास से भरे पेविंग ब्लॉक्स लगाए जा रहे हैं। ये ब्लॉक्स बारिश के पानी को जमीन में जाने में मदद करते हैं। इससे जलभराव की समस्या को कम करने में सहायता मिलती है। हरित सतहें शहरों के तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद करती हैं। यह पहल बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए की जा रही है। पारंपरिक कंक्रीट की तुलना में ये समाधान अधिक टिकाऊ माने जा रहे हैं। शहरों में हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक जल प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस तकनीक से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को अधिक पर्यावरण मित्र बनाया जा सकता है। नीदरलैंड का यह मॉडल अन्य देशों के लिए भी शहरी योजना में एक उदाहरण बन सकता है। Source: Source Post navigation युगांडा में दर्दनाक बस हादसा, स्कूल ट्रिप के दौरान 21 की मौत; कई छात्र घायल कोलकाता में आजादी, विरासत और भारत-फ्रांस संबंधों का हुआ उत्सव