आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने करीब 50 साल पुराने भूमि अधिग्रहण मामले में 72 वर्षीय महिला को मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि भूमि अधिग्रहण का मुआवजा तय होने के बावजूद राशि जमीन मालिक तक नहीं पहुंची थी। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को मूल मुआवजा राशि के साथ 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यह भुगतान दो महीने के भीतर करने को कहा गया है। अदालत ने मामले में भूमि मालिक के अन्य वैधानिक लाभों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार की ओर से अधिग्रहण प्रक्रिया को वैध बताते हुए नोटिस जारी किए जाने की दलील दी गई थी, लेकिन अदालत ने भुगतान न होने के पहलू को महत्वपूर्ण माना। Source: Source Post navigation अयोध्या राम मंदिर दान चोरी जांच में SIT ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा और समय अवैध खनन मामले में MP हाईकोर्ट सख्त, ग्वालियर की 16 विवादित खदानों पर रोक