भिवानी जिला कारावास में महिला बंदियों के लिए आयोजित तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण शिविर पूरा हुआ। आदर्श महिला महाविद्यालय की ओर से महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। महाविद्यालय प्रबंधन समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने कहा कि शिक्षा और कौशल जीवन में बदलाव का बड़ा माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से महिलाएं अपने हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत के अवसर देना है। महाविद्यालय भविष्य में भी ऐसे पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रम जारी रखेगा। प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने कहा कि कौशल विकास महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने प्रमाण पत्र को महिलाओं के लिए नई शुरुआत और नए अवसरों का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनंदा भी मौजूद रहीं। Source: Source Post navigation सरगुजा में 80 स्कूलों में सफाई संकट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वापसी के बाद शिक्षकों पर बढ़ सकता है अतिरिक्त काम ऊना की समीक्षा ने NEET-UG में हासिल की सफलता, कठिन हालातों के बीच SC वर्ग में 449वीं रैंक