पटना के राजा बाजार में स्थित प्रतिष्ठित पारस अस्पताल के बाहर सोमवार को लाश रखी गई, जिससे स्थानीय नागरिकों में गुस्सा उफान पर आया। शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई, पर परिवार के सदस्य मानते हैं कि उनका दुखद अंत अस्पताल में किए गए किडनी निकासी के बाद हुआ। अस्पताल ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि इस तरह की कोई अनैतिक प्रक्रिया नहीं चलती और यह मामला अभी जांच के अधीन है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की, घटना स्थल को सुरक्षित किया और जांच शुरू की। इस बीच, विरोध करने वाले समूह ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और क़ानूनी कार्रवाई की मांग की। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यदि कोई भी चिकित्सीय लापरवाही मिलने पर सख़्त दंड दिया जाएगा और मरीजों की सुरक्षा के लिए नयी नीतियां लागू की जाएँगी। इस विरोध ने न केवल अस्पताल को बल्कि पूरे स्वास्थ्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जिससे चिकित्सा जगत में सुधार की माँगें तेज़ हो रही हैं। Post navigation OPEC+ ने होर्मुज जलडमरमर के दौरान प्रतीकात्मक तेल उत्पादन वृद्धि की घोषणा खाकी की अनदेखी के खिलाफ विधवा ने SP कार्यालय के सामने न्याय की पुकार लगाई