पूर्व भारतीय क्रिकेटर और ऑफ स्पिनर राजेश चौहान एक कथित धोखाधड़ी मामले को लेकर कानूनी विवाद में फंस गए हैं। उन पर एक व्यक्ति से 17.52 लाख रुपये निवेश कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट ठेका दिलाने और बड़ा मुनाफा देने का भरोसा दिया गया था। आरोपों के आधार पर दुर्ग की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले पर संज्ञान लिया है। अदालत ने पुलिस को जांच कर अंतिम प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां शिकायत से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। राजेश चौहान पर लगे आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। मामला सामने आने के बाद खेल जगत में भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। Source: Source Post navigation जंतर-मंतर प्रदर्शन में हिंसा के बाद 200 से ज्यादा जवान घायल, पुलिसकर्मी का पैर टूटा कोरबा में पारिवारिक विवाद का खूनी अंत, बड़े भाई ने टंगिया से छोटे भाई की हत्या की