फ्रांस और जर्मनी के संयुक्त अगली पीढ़ी के टैंक प्रोजेक्ट MGCS को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। लगातार देरी और दोनों देशों के बीच मतभेदों के कारण परियोजना की दिशा पर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2017 में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक युद्धक टैंक विकसित करना था। अब दोनों देश एक साझा टैंक डिजाइन के बजाय नई सैन्य तकनीकों पर संयुक्त शोध की ओर बढ़ रहे हैं। इन तकनीकों को अलग-अलग सैन्य प्लेटफॉर्म में इस्तेमाल किया जा सकेगा। परियोजना में देरी के कारण इसकी तैनाती की समयसीमा आगे बढ़ गई है। वर्तमान योजना के अनुसार यह टैंक 2040 के दशक की शुरुआत तक तैयार हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और रणनीतिक मतभेदों ने परियोजना को प्रभावित किया है। फ्रांस और जर्मनी रक्षा क्षेत्र में सहयोग बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के लिए यह परियोजना भविष्य की सैन्य क्षमता मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, इसके भविष्य को लेकर अभी कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।

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