कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में तेजी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड पांच हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल तेल की कीमतें एक सीमित दायरे में रह सकती हैं। मौजूदा बाजार संकेतों से वैश्विक तेल आपूर्ति में बड़े व्यवधान की संभावना नहीं दिख रही है। निवेशक आने वाले कच्चे तेल के भंडार संबंधी आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। इन आंकड़ों से निकट अवधि में कीमतों की दिशा प्रभावित हो सकती है। तेल बाजार में वैश्विक घटनाक्रमों का असर लगातार देखने को मिल रहा है। ऊर्जा क्षेत्र के निवेशक आपूर्ति और मांग के संतुलन का आकलन कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक घटनाएं आगे भी तेल कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगी। Source: Source Post navigation GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 53 करोड़ की बोगस बिलिंग और 9.54 करोड़ के टैक्स फ्रॉड मामले में आरोपी गिरफ्तार शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा; फार्मा शेयरों पर टैरिफ का दबाव