भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से घोषणा की कि चीता पुनर्स्थापना की उल्लेखनीय सफलता के बाद अब जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास लौटाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। काजीरंगा राष्ट्रीय अभयारण्य से चुनी गई 150 स्वस्थ भैंसों को विशेष ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के तहत कान्हा वन्यजीव अभयारण्य तक पहुंचाया जाएगा, जहाँ उन्हें उपयुक्त वन्य सतह, जल स्रोत और सुरक्षा प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल वन्यजीव संरक्षण के शाश्वत मॉडल को स्थापित करने और स्थानीय कृषि को जंगली जानवरों से उत्पन्न नुकसान को कम करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “समय के साथ हम देख रहे हैं कि हमारे संघर्ष तेज़ी से परिणाम दे रहे हैं; अब जब जंगली बृहस्पति को फिर से प्रकृति की गोद में स्वागत करने का अवसर मिला है, तो हम पूरी तत्परता से इस कार्य को अंजाम देंगे।” पुनर्स्थापना कार्य का शुभारंभ कल आयोजित किया जाएगा, जिसमें वन अधिकारियों, स्थानीय किसानों और जीव संरक्षण विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। Post navigation सुपरड्राई के सह-संस्थापक पर बलात्कार का आरोप लेबनान अपडेट: निरंतर संघर्ष के बीच इज़राइल के घातक हवाई हमले