फ्रांस ने दो साल के प्रतिबंध के बाद मधुमक्खियों को नुकसान पहुंचाने वाले कुछ कीटनाशकों की वापसी की अनुमति दे दी है। इस फैसले का पर्यावरण संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे रसायन जैव विविधता और परागण करने वाले जीवों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। फ्रांस सरकार ने कृषि क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए यह कदम उठाया है। किसानों के कुछ समूहों ने इन कीटनाशकों की उपलब्धता बहाल करने की मांग की थी। पर्यावरणविदों का तर्क है कि मधुमक्खियों की घटती संख्या पहले से ही चिंता का विषय है। उनका कहना है कि नए फैसले से पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह मुद्दा कृषि उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर बहस बढ़ा रहा है। सरकार के फैसले की समीक्षा और निगरानी को लेकर भी मांग उठ रही है। इस मामले में फ्रांस में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है।

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