सिमगा जनपद की ग्राम पंचायत रावन में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि योजना की सूची में कई ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। उनका कहना है कि इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों के अनुसार इस वर्ष पंचायत में 300 से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं। आरोप है कि कुछ हितग्राहियों ने सरकारी और उद्योग विभाग की जमीन पर बने मकानों को किराए पर दे रखा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पहले सुरक्षित रखी गई चारागाह और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। उन्होंने शासकीय भूमि की अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पात्र लोगों को ही आवास योजना का लाभ देने की अपील की है। पंचायत स्तर पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई है।

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